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'कोई रोड मुगल-पठान के नाम पर नहीं', सीएम शुभेंदु ने बंगाल में सड़कों के नाम बदलने के लिए बनाई कमेटी

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : Jun 24, 2026 08:20 am IST,  Updated : Jun 24, 2026 09:30 am IST

बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को घोषणा की कि कोलकाता में मुगलों, पठानों या दमनकारी ब्रिटिश शासकों के नाम पर सड़कें या इलाके नहीं होंगे।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी- India TV Hindi
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी Image Source : PTI

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मुगलों, पठानों या ब्रिटिश शासकों के नाम पर सड़कें या इलाके नहीं होंगे। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में मंगलवार को दी। विधानसभा में राज्यपाल के भाषण पर चर्चा के दौरान बोलते हुए सीएम शुभेंदु ने सड़कों और इलाकों के नामों की समीक्षा के लिए एक कमेटी बनाने की भी घोषणा की।

सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलने पर विधानसभा में बहस

दरअसल, कोलकाता नगर निगम (KMC) द्वारा शहर के पार्क सर्कस इलाके की सड़क सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड कर दिया गया है। मंगलवार को विधानसभा में सड़क के असली नाम के पीछे के ऐतिहासिक संदर्भ पर बहस हुई। विपक्ष के नेता रीताब्रत बनर्जी ने सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलने पर सवाल उठाए और कहा कि इतिहास से छेड़छाड़ की जा रही है।

उन्होंने तर्क दिया कि सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम पाकिस्तान के पूर्व PM हुसैन शहीद सुहरावर्दी के नाम पर नहीं रखा गया था, जिन पर 1946 में कोलकाता (तब कलकत्ता) में कई लोगों की हत्याआों का आरोप है, बल्कि उनके दादा मौलाना ओबैदुल्ला सुहरावर्दी के नाम पर रखा गया था। सड़क का नाम 1932 में सर हसन सुहरावर्दी के नाम पर रखा गया था, जो एक जाने-माने डॉक्टर और कलकत्ता यूनिवर्सिटी के पहले मुस्लिम वाइस-चांसलर थे। 

सीएम ने रीताब्रत बनर्जी को दिया जवाब

शुभेंदु अधिकारी ने रीताब्रत बनर्जी के दावे का जवाब दिया और कोलकाता में कोई मुगल, पठान या अत्याचारी ब्रिटिश नाम नहीं होंगे। सीएम अधिकारी ने सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलने की तारीफ़ की है और इसे ऐतिहासिक गलती को ठीक करने की दिशा में एक कदम बताया है। उन्होंने सड़कों और पब्लिक जगहों के नामों को रिव्यू करने के लिए एक कमेटी बनाने की घोषणा की। सीएम अधिकारी ने कहा कि पैनल को स्वामी प्रदीपानंद महाराज हेड करेंगे, जिन्हें कार्तिक महाराज के नाम से जाना जाता है और लोग कमेटी को सुझाव दे सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "सिस्टर निवेदिता को छोड़कर, कोई विदेशी नाम नहीं रहेगा। अगर एपीजे अब्दुल कलाम जैसे सच्चे देशभक्त हैं तो हमें जानकारी दें और राज्य सरकार उन्हें सम्मानित करेगी। आप बंगाली संस्कृति और गौरव को मिटा नहीं सकते।"

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